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शाम की पल्स: आगरा पुनर्मतदान और कार्रवाई के बाद 11 एमएलसी सीटों की गिनती
मतगणना नया चरण है; छह निलंबन और अलग अनुशासनात्मक प्रक्रिया मतदान की निगरानी से जुड़े हैं।
पैन इंडिया पल्स डेस्कइन रिपोर्टों पर आधारित: News9, Hindustan Times, The Indian Express, The Times of IndiaRead in English

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मंगलवार को मतगणना शुरू हुई। न्यूज़9 की दोपहर की रिपोर्ट और हिंदुस्तान टाइम्स की बाद की लाइव कवरेज, दोनों में गिनती जारी रहने की जानकारी है। 23 अक्टूबर के मतदान के बाद आगरा शिक्षक क्षेत्र के तीन बूथों पर सोमवार को दोबारा मतदान हुआ था। दोपहर की पल्स में चुनाव आयोग की कार्रवाई प्रमुख थी। अब गिनती अगला चरण है। इस संस्करण में शुरुआती रुझान को विजेता या अपुष्ट देर रात के नतीजे को अंतिम घोषणा नहीं बनाया गया है।
न्यूज़9 के अनुसार पांच स्नातक और छह शिक्षक क्षेत्रों में 152 उम्मीदवार हैं। ये विधानसभा सीटों से अलग निर्वाचन क्षेत्र हैं। भाजपा, समाजवादी पार्टी, निर्दलीय और बागी उम्मीदवार मुकाबले में हैं। इस चुनाव को 2027 विधानसभा का निश्चित संकेत मानना गलत होगा। अंतिम खबर के लिए हर क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी की घोषणा और संबंधित गणना चाहिए। किसी शुरुआती बढ़त से पूरे प्रदेश का परिणाम या आगे के चुनाव का विजेता तय नहीं किया जा सकता।
आगरा में दोबारा मतदान की पृष्ठभूमि महत्वपूर्ण है। इंडियन एक्सप्रेस ने तीन बूथों की निगरानी में चूक की जांच के बाद छह अधिकारियों के निलंबन का आदेश दिए जाने की खबर दी है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी इसकी पुष्टि की। इनमें दो सेक्टर मजिस्ट्रेट और चार पुलिसकर्मी हैं। यह जिम्मेदारी निभाने से जुड़ी कार्रवाई है। इससे पूरे निर्वाचन क्षेत्र का हर वोट अमान्य नहीं हो जाता और न ही किसी एक दल पर सभी आरोप साबित हो जाते हैं।
आयोग ने पांच मतदान अधिकारियों और 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अलग अनुशासनात्मक कार्रवाई भी मांगी है। एक्सप्रेस के अनुसार आरोपपत्र के मसौदे 10 दिन में जांच के लिए भेजने का निर्देश है। इन लोगों को छह निलंबनों के साथ जोड़कर सभी की बर्खास्तगी हो जाने की खबर देना गलत होगा। रिपोर्ट में 24 अक्टूबर को जांच का आदेश, रविवार को रिपोर्ट और सोमवार को कार्रवाई का क्रम है। आगे जवाब और अंतिम निर्णय के चरण अभी बाकी हैं।
न्यूज़9 ने दोबारा मतदान वाले स्थान खेरागढ़, सैंया और फतेहाबाद बताए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के हवाले से तीनों बूथों का संयुक्त मतदान 57.16 प्रतिशत बताया गया है। दोबारा मतदान शांतिपूर्ण रहने की जानकारी भी दी गई। पहली बार के विवादित मतदान और बाद के पुनर्मतदान को अलग रखना जरूरी है। पुनर्मतदान से पहले की जिम्मेदारी की जांच समाप्त नहीं होती। उसी तरह अनुशासनात्मक आदेश, मतगणना और निर्वाचित सदस्य की घोषणा की जगह नहीं लेता।
एसआईआर की न्यायिक सुनवाई दूसरी प्रक्रिया है। जनसत्ता और सुप्रभातम के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 17 नवंबर होगी। आयोग के हलफनामे पर जवाब देने के लिए समय मिला है। यह मतदाता सूची और आयोग के कामकाज पर उठे सवालों का मामला है। इसे मंगलवार के एमएलसी नतीजों पर अदालत का फैसला नहीं समझना चाहिए। इस डेस्क ने आरोपों के गुण-दोष पर कोई नया अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं पाया। मतगणना, अनुशासनात्मक कार्रवाई और मुकदमे के दस्तावेज अलग-अलग देखने होंगे।
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पल्स की राय
पल्स डेस्क का विश्लेषणदोबारा मतदान और कार्रवाई ठोस कदम हैं, लेकिन पूरी जवाबदेही आरोपपत्र, संबंधित अधिकारियों के जवाब और कारण सहित अंतिम आदेश से दिखेगी। किस बूथ पर क्या पाया गया और किसकी क्या जिम्मेदारी थी, यही जांच का केंद्र रहना चाहिए।
नतीजा निर्वाचन अधिकारी की घोषणा से बताया जाना चाहिए, दलों की अपेक्षा से नहीं। एसआईआर मुकदमे का अपना नवंबर वाला चरण है। क्या सार्वजनिक रिकॉर्ड इतने स्पष्ट होंगे कि मतदाता सत्यापित नतीजे, आरोप, रुझान और लंबित कार्रवाई में अंतर कर सकें?
आगे किस पर नज़र रखें
- हर एमएलसी क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी की अंतिम घोषणा।
- आयोग के निर्देश के बाद आरोपपत्र और अनुशासनात्मक आदेश।
- एसआईआर के अगले जवाब और 17 नवंबर की सुनवाई।
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स्रोत
- Counting under way for 11 Uttar Pradesh MLC seats News9
- October 27 MLC counting updates Hindustan Times
- Suspensions and separate disciplinary proceedings ordered The Indian Express
- Commission acts over Agra polling supervision The Times of India
- SIR hearing deferred with time for responses Jansatta
- November 17 SIR hearing reported Suprabhaatham
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